अपने भेड़िया मूवी देखि अच्छी हैं लेकिन यूपी के बहराइच में भेड़ियों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल हो गया हैं, आतंक इतना बड़ गया हैं की पुरुष रतजगा कर रहे हैं तो महिलाएं बच्चों संग घरों में कैद हैं की कही उनके बच्चे को भेड़िया उठा कर ना ले जाए, वही 27 अगस्त को खैरीघाट थाना के दीवान पुरवा में गांव निवासी सजन का पांच वर्षीय बेटा अयांश आंगन में अपनी मां की गोद में लेटा था। देर रात तकरीबन तीन बजे भेड़िया दबे पांव पहुंचा और मासूम को जबड़े में दबोच कर भाग गया। परिजन व ग्रामीणों ने वनकर्मियों के साथ तलाश शुरू की, काफी तलाश के बाद उसका शव बहुत ही बुरी हालत में मिला, आपको बता दे की पहले मार्च से जून तक तो छोटी मोटी घटनाए होती थी जिसे नजर अंदाज कर दिया जाता था, लेकिन लेकिन इधर एक महीने में भेड़ियों के झुंड ने छह बच्चों और एक महिला को मौत के घाट उतार दिया, 35 को घायल कर चुके हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं व वृद्ध हैं भय के इस माहौल में कुछ परिवारों ने तो अपने बच्चों को बाहर रिश्तेदारी में भेज दिया है, आपको बता दे की महसी तहसील क्षेत्र में भेड़ियों के आतंक की शुरुआत मार्च में हुई, जब 10 मार्च को मिश्रनपुरवा की तीन वर्षीय बच्ची को भेड़िया उठा ले गया। 13 दिन बाद 23 मार्च को नयापुरवा में डेढ़ वर्षीय बच्चा भेड़िए का शिकार बना। अप्रैल से जून के अंत तक भेड़ियों के हमले में 10 बच्चे और वृद्ध घायल हुए। उसके बाद 17 जुलाई से अब तक एक महिला और छह बच्चों को भेड़ियों ने शिकार बनाया, वन विभाग के पिंजरे में तीन अगस्त को एक भेड़िया कैद हुआ, जिसने दम तोड़ दिया। आठ और 18 अगस्त को दो भेड़िये पिंजरे में कैद हुए। इसके बाद झुंड और खूंखार हो गया। भेड़ियों के हमले में मासूमों समेत 25 लोग घायल हो गए, वही भेड़िया को लेकर सब अपनी अपनी राय बता रहे जिनमे भेड़िया की अगुवाई कर रहे डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि तीन भेड़िए गन्ने के खेत और झाड़ियों का लाभ उठाकर हमला कर रहे हैं जिनमे से एक भेड़िये का एक पैर चोटिल है। इंसानों पर हमले को लेकर बधावन का कहना है कि भेड़िए का व्यवहार असामान्य है, ये छोटे जानवरों को शिकार बनाते हैं। वही , प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव संजय श्रीवास्तव कहते हैं कि इस समय जंगलों में पानी भर जाने के कारण वन्यजीव भोजन की तलाश में बाहर निकल आते हैं, अब भेड़ियों के हमला करने की वजह कौन सी हैं ये अभी तक साफ नही हैं, क्यूंकी सब अपन अपन अंदाज़ा लगए जा रहे हैं, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव संजय श्रीवास्तव ने बताया कि कई टीमें ऑपरेशन भेड़िया में लगाई गई हैं। डीएम मोनिका रानी ने बताया कि मृतकों के स्वजन को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ प्रभावित गांवों में क्रिटिकल गैप फंड से 20 लाख रुपये से सोलर और हाईमास्ट लाइट लगवाने, घरों में दरवाजे लगवाने के लिए पांच लाख रुपये दिए गए हैं, वही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले की रिपोर्ट तलब की है, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि वन विभाग ने मुख्यमंत्री को भी बहराइच में लगाई गईं टीमों और अब तक के प्रयासों की जानकारी दी है, वही मुख्यमंत्री ने भेड़ियों को पकड़ने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के लिए कहा है।




























































