पूर्व से पश्चिम तक पूरे भारतीय उपमहाद्वीप को पार करने वाली एक मौसम प्रणाली ने गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ पर एक गहरे दबाव का निर्माण किया है, यह प्रणाली 16 अगस्त को बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव क्षेत्र के रूप में उत्पन्न हुई थी. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस दबाव के पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ने, पाकिस्तान के तट से उत्तर-पूर्व अरब सागर में उभरने और शुक्रवार तक यानि आज चक्रवाती पूरे तरीके से तूफान में तब्दील हों जाएगा ऐसा अंदाज़ा लगया जा रहा हैं, चक्रवात – जिसे ‘आसना’ कहा जाता है – लेकिन इन चक्रवात से भारतीय तटों को प्रभावित करने की उम्मीद नहीं है क्योंकि यह भूमि से दूर अरब सागर की ओर बढ़ रहा है, आईएमडी ने बताया कि सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों में गहरे दबाव के कारण कच्छ, द्वारका और जामनगर के तटीय जिलों में पिछले 2 दिनों में भारी बारिश हुई है। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि इन क्षेत्रों में आज भारी बारिश होने की उम्मीद है, मूसलाधार बारिश की वजह से गुजरात में हालात बेहद खराब हो चुके हैं. हर तरफ अफरतफ़री मची हुई हैं , बारिश से जुड़ी घटनाओं में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों की तादाद में लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. India Meteorological Department ने ने अरब सागर में चक्रवाती तूफान ‘आसना’ के एक्टिव होने की आशंका जताई है. चक्रवाती तूफान के शुक्रवार यानि आज कच्छ-पाकिस्तान तट से टकराने की बात कही गई है वही IMD के वैज्ञानिक अरब सागर में इस समय चक्रवाती तूफान के सक्रिय होने पर हैरानी जताते हुए इसे रेयर मौसमी घटना बताया है.IMD के मौसम वैज्ञानिकों ने इस महीने में अरब सागर में cyclone उठने की घटना असामान्य बता रहे हैं. विज्ञानियों का कहना है कि ऐसा नहीं है कि इस महीने में चक्रवात नहीं आते हैं, लेकिन ऐसे बहुत ही कम मामले हैं और अभी की जो स्थिति नजर आ रही हैं वो सामान् मौसमी घटना नहीं है, वैसे बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मानसून से पहले (मार्च, अप्रैल, मई) या फिर मानसून के बाद (अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर) चक्रवाती तूफान आते हैं, लेकिन इस बार अगस्त के अंतिम दिनों में चक्रवाती तूफान आने की संभावना बढ़ गई है. और ये कोई नॉर्मल बात नहीं हैं, आपको बता दे की अरब सागर में सबसे पहले 24 अगस्त को चक्रवाती तूफान का पहला अंदेश मिला था उसके बाद चक्रवात कम रफ्तार के साथ तट की तरफ लगातार बढ़ रहा और आज यानि 30 अगस्त को पूरी तरह से चक्रवाती तूफान में बदल जाने की संभावना है. साइक्लोन की वजह से गुजरात में मूसलाधार बारिश होने की आशंका और बड़ती जा रही हैं, ऐसा लगता हैं की राज्य में तबाही का सिलसिला शुरू होने ही वाला है।




























































