हाल ही में संसद सत्र के दौरान जया बच्चन को ‘जया अमिताभ बच्चन’ के नाम से संबोधित किए जाने पर उनकी आपत्ति को लेकर कंगना रनोट ने टिप्पणी कि जया बच्चन ने इस संबोधन को अपनी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला बताया और कहा कि ऐसा जानबूझकर उनके नाम में पति का नाम जोड़कर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की गई है।
कंगना ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आजकल लोगों को नाम सुनते ही पैनिक अटैक आ रहा है। उन्होंने इसे शर्मनाक बताया और फेमिनिज्म के नाम पर समाज की गलत दिशा में जाने की बात की।
फीवर एफएम को दिए इंटरव्यू में कंगना ने कहा, “यह बहुत शर्मनाक है कि नामों को लेकर इतनी संवेदनशीलता पैदा की जा रही है। पुरुष और महिला के बीच का फर्क नेचर द्वारा बनाया गया है और इसे भेदभाव के रूप में नहीं देखना चाहिए। यह तुच्छ मुद्दा है कि किसी को उसके पति के नाम से क्यों संबोधित किया गया। यह खूबसूरत रिश्तों को नीचा दिखाने की कोशिश है।”
कंगना ने आगे कहा कि, “फेमिनिज्म के नाम पर समाज बहुत ही बदसूरत दिशा में जा रहा है। यह दुखद है कि हम परिवारों के बीच भी एरोगेंस पैदा कर रहे हैं। हमें एक-दूसरे को अपनाना चाहिए और कठोरता से एक-दूसरे को काटने की बजाय एकजुट रहना चाहिए। आजकल लोग एक नाम सुनते ही भड़क जाते हैं और अपनी पहचान को खतरे में समझने लगते हैं। यह बहुत दुखद है।”
संसद सत्र में राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह ने जया बच्चन को ‘श्रीमती जया अमिताभ बच्चन जी’ के नाम से संबोधित किया था। इस पर जया बच्चन नाराज हो गईं और कहा कि उन्हें सिर्फ ‘जया बच्चन’ कहा जाना काफी था। उपसभापति ने जवाब में कहा कि नाम पूरा लिखा हुआ था इसलिए उन्होंने पूरी जानकारी के अनुसार संबोधित किया। जया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अब यह नया चलन शुरू हो गया है कि महिलाएं अपने पति के नाम से जानी जाएं, मानो उनकी अपनी कोई पहचान या उपलब्धि न हो।”




























































